सुबह देरी से उठा।

रेवती के सिर में आज भी दर्द था. किंतु हर रोज की तरह खाना समय पर तैयार था। तैयार होकर फटाफट भोजन किया और भागते कदमों से स्कूल पहूंचा। पहला पीरियड खाली था। दूसरे पीरियड में +१ में अग्ये पढ़ाए। तीसरे पीरियड में +२ में मुक्तिबोध की कवीता “कदम-कदम पर” आरम्भ की।

खांसी के कारण बुरा हाल था। पढ़ाने में मज़ा नहीं आया। पीरियड खत्म होने पर ज्यों ही बैग उठाकर चलने को हुआ सपना ने विक्स की दो गोलियां सामने कर दी – “सर! आपका गला ठीक नहीं है इसलिये …..।” मैंने गोलियां बैग में रख ली।

छुट्टी होते ही घर पहुंचा। रेवती का सर दर्द ज्यों का त्यों है। दवाई इसे पसंद नहीं। बड़ी मुश्किल से तैयार कर पाया हूं कि कल ’नारू क्लिनिक’ जाकर चैक करवाएंगे।

 

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